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1. Story: Still the Heart of Literacy Learning

Take a little tour with me as I share highlights from this new book by Katie Egan Cunningham.

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2. Starting with Story

I recently had the pleasure of attending the 25th Annual Comprehensive Literacy and Reading Recovery Conference in Illinois.  One of the sessions I attended was led by the brilliant and endearing Christopher Lehman.  His session centered… Continue reading

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3. The Fair Maid's Tresses

Remember when I told you about the filming done in our wee flat of three top storytellers each telling their version of the folktale, "The Fair Maid's Tresses"? Well, it is now live and available for your viewing pleasure on Vimeo. Click the image to go watch! How exciting to have been a part of this!

0 Comments on The Fair Maid's Tresses as of 1/13/2016 6:37:00 AM
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4. कहानी- मोनिका गुप्ता

बहुत पुरानी कहानी जोकि गाजियाबाद के सांध्य दैनिक  “दैनिक अथाह” मे  10 मार्च 1992 को प्रकाशित हुई. कहानी का नाम है परिधि …. लेखन का बहुत शौक रहा और कहानियां छपती भी रही बहुत कहानियों की न्यूज पेपर कंटिग सम्भाल कर भी रखी पर दिखाने का कोई माध्यम न होने की वजह से कुछ कहानियां […]

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5. लघु कथा- बेटी

लघु कथा- बेटी एक छोटी सी पर कहानी… उनकी बेटी कुछ दिन घर रहने आ रही है इसका मतलब ” वो ” बखूबी जानते थे. बिना समय गवाऎ उन्होनें अपना फ्लैट गिरवी रखवा कर उसके द्वारा भिजवाई गई “मांगों की लिस्ट ” पर त्वरित खरीददारी शुरु कर दी… लघु कथा- बेटी  

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6. प्यार रिश्ते और अहसास की गर्मी

प्यार रिश्ते और अहसास की गर्मी कुछ देर पहले मैं खबर देख रही थी कि आज दिल्ली में सबसे ठंडा दिन. इतने मे मणि भी आ गई. अपनी वही पुरानी और सदाबहार शाल के साथ. ये shawl उसकी मम्मी की है और मणि का मानना है कि इसमे बहुत गरमाहट है हालाकि उसकी मम्मी भी […]

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7. हमारी जिंदगी आस्था या अंधविश्वास

  हमारी जिंदगी आस्था या अंधविश्वास Superstition मेरी सहेली मणि बहुत खुशी खुशी मेरे पास आई और चहकते हुए बताया कि उनकी कालोनी मे रहने वाला मनु उनके पास आया और उसने बताया कि दीदी एक बार जब वो अपनी पहली बी टेक की परीक्षा देने जा रहा था वो आप उसके घर के सामने […]

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8. Audio Storytelling- kids story -Princess

Audio Storytelling- kids story -Princess मैं हूं राजकुमारी मणि मुझे बच्चों की कहानियां लिखने का बेहद शौक रहा है. बच्चों की कहानियां लिख कर खुद भी मन बच्चा ही बन जाता है. आज आप सुनिए मेरी लिखी बाल कहानी मैं हूं राजकुमारी मणि और जरुर बताना कि कहानी कैसी लगी Audio Storytelling- kids story -Princess […]

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9. कथा कहानी

कथा कहानी बहुत सम्भाल कर रखी हुई हैं ये कतरनें … पर कागज ही तो है पीला पडने लगा है इसलिए सोचा कि क्यू ना ब्लाग पर स्केन करके डाल लू इसी बहाने हमेशा मेरे पास रहेगा मेरा ये अनमोल खजाना यह कहानी गाजियाबाद (यूपी) के सांध्य दैनिक अथाह में 10 मार्च 1992 को प्रकाशित […]

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10. बच्चों की दुनिया

बच्चों की दुनिया   ( दैनिक जागरण में प्रकाशित ) समय समय पर बच्चों के लिए लेख , कहानियां अलग अलग समाचार पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही. बच्चा बन कर बच्चों के लिखना बहुत मजेदार अनुभव है … ( सांध्य दैनिक समर घोष में प्रकाशित) बच्चों के लिए आयोजित ढेर सारी प्रतियोगिताए

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11. लघु कथा विश्वास

लघु कथा विश्वास बहुत साल पहले समाचार पत्र सच कहूं में प्रकाशित लघु कथा विश्वास ( कुछ कतरन)

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12. लघु कथा

लघु कथा राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित दो लघु कथाए “मोह भंग” और “फर्ज में फर्क” … ये बात सन 1998 की है ( क़ुछ कतरन)

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13. लक्ष्य और निगाहें

लक्ष्य और निगाहें बच्चे और उनका मनोविज्ञान आज के बच्चे अपना पूरा ध्यान सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, गूगल , टवीटर आदि पर देते है. बहुत लोग इसे बुरा भी कहते हैं कि बच्चे बिगड रहे हैं पर इसके माध्यम से इसका उदाहरण देकर समझाया भी जा सकता है… कैसे ??? ऐसे … हुआ यूं कि […]

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14. लघु कथा माँ

लघु कथा माँ ये कहानी दैनिक जागरण में प्रकाशित हुई.

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15. आईना

आईना आईना कहानी दैनिक भास्कर की मधुरिमा में प्रकाशित हुई. कहानी में मा बेटे और नौकरी पेशा बहू का यथार्थ चित्रण है

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16. Sam Lee on Song Collecting

I love the passion Sam Lee shares in his experiences of collecting ballads and folk music. This is the journey I feel I'm on (but more so with stories than songs). It's all about valuing our history and recognizing the archaeological treasure that exists in our oral traditions. So interesting!

Thanks to Terri Windling for bringing him to my attention!

0 Comments on Sam Lee on Song Collecting as of 11/22/2015 6:54:00 AM
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17. Opinions Of Others Gives The Confidence For A Great Purchase.

A great product usually defined from the popularity among people. Usually quality is defined by the comfort and the adaptability of the product towards the customers’ needs. For one to have a good night’s sleep, a person needs to have a great mattress, which one looks forward to going back too. Opinions of others are […]

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18. साहित्य अकादमी सम्मान

मोनिका गुप्ता( हरियाणा साहित्य अकादमी अवार्ड )

मोनिका गुप्ता( हरियाणा साहित्य अकादमी अवार्ड )

साहित्य अकादमी सम्मान

हरियाणा साहित्य अकादमी सम्मान

बात 2009 की है जब मेरी पहली पुस्तक” मैं हूं मणि” को हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से “बाल साहित्य पुरस्कार” मिला. इसके इलावा अभी तक दो अन्य लिखी किताबों “ समय ही नही मिलता”, “ अब मुश्किल नही कुछ भी”  को हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से अनुदान मिला.

पहली पुस्तक और उसे ही बाल साहित्य पुरस्कार  मिलना बेहद खुशी और गर्व की बात थी. ऐसी खुशी और गर्व उन सभी साहित्यकारों और लेखकों को होता होगा जिन्हे ये सम्मान मिलता है. अब मैं आती हूं आज की बात पर कि आज इतने साल बाद मुझे यह बताने की जरुरत क्यो पडी. वो इसलिए कि कई साहित्यकारों द्वारा मिला सम्मान लौटाया जा रहा है.

इसी बारे में, पिछ्ले एक दो दिन में बहुत लोगो को सुना और उनकी प्रतिक्रिया भी देखी. बेशक, हम जिस समाज मे रहते हैं हमे अगर अपनी बात रखने का हक है तो उसी तरह हमे किसी बात का विरोध करने का भी हक है पर सम्मान को लौटाने का ये  तरीका सही नही. हां एक बात हो सकती थी कि देश के सभी साहित्यकारों और लेखको को इसमे शामिल करके उनकी राय जानी जाती और फिर एक जुट होकर ऐसा कदम उठाया जाता जो समाज हित मे होता तो शायद कुछ बात बनती.

कोई कदम उठाने से पहले एक बात जरुर जहन में रखनी चाहिए कि ना मीडिया हमारा है और न ही नेता हमारे हैं हमें अगर अपनी बात रखनी है तो कलम को ताकत बनाए और उसी के माध्यम से अपना विरोध व्यक्त करें. टीवी चैनल पर  एक धंटे बैठ कर, बहस कर, लड झगड कर अपने स्तर से गिर कर बात रखने का क्या औचित्य है… !! धरना प्रर्दशन और भूख हडताल भी कोई समाधान नही जैसा कुछ लोग अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं.

हमारी ताकत हमारी लेखनी है और सोशल मीडिया एक खुली किताब है. इस पर  हम सब मिलकर अपनी बात दमदार तरीके से रखे तो सोच मे जरुर बदलाव आएगा.

साहित्य अकादमी सम्मान

मोनिका गुप्ता( हरियाणा साहित्य अकादमी अवार्ड )

मोनिका गुप्ता( हरियाणा साहित्य अकादमी अवार्ड )

मोनिका गुप्ता( हरियाणा साहित्य अकादमी अवार्ड )

 

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19. बाल कहानी-शैंकी

बाल कहानी-शैंकी

हर रविवार की तरह आज भी नन्हीं मणि को अपने कर्मा चाचू का इन्तजार था। मणि अपने मम्मी पापा के साथ शहर में रहती थी और उसके कर्मा चाचू गाँव में काम करते थे पर हर रविवार वह शहर आ जाते थे। मणि को परियों की, राजकुमारियों की और जादू की कहानियां सुनने का बेहद शौक था। उसके मम्मी-पापा तो उसे कहानियां सुनाते नही थे। वह दोनों ही दफ्तर में काम करते थे पर मणि को कामिक्स पढ़ कर उतना आनन्द नहीं आता था जितना कि कहानियां सुन कर आता था। कर्मा चाचू की वह लाड़ली भतीजी थी और वह उसे पूरी दोपहर कहानी सुनाते रहते।

मणि इकलौती बेटी होने के कारण वह सभी की चहेती थी। मणि का जन्मदिन भी करीब आने वाला था। उसके चाचू उस दिन उसके लिए छोटा सा सफेद रंग का कुत्ता लाए। मणि को पहले तो उससे बहुत ड़र लगता रहा। जैसे ही वो भौं-भौं करता मणि की ड़र के मारे अंगुलियां मुंह में चली जाती पर कुछ ही घण्टों में वह उससे हिल-मिल गर्इ। मणि के मम्मी-पापा भी उस छोटे से कुत्ते को देखकर बेहद खुश हुए। मणि ने उसका नाम शैंकी रखा। चाचू की कहानियां सुनने का शौक भी वैसे ही बरकरार रहा। उसे बड़ा ही अच्छा लगता था जब पुरानी कहानियों में मेंढ़क राजा बन जाता था या फिर सिर्फ छूने से ही पत्थर परी बन जाती। दो सप्ताह तक चाचू को किसी जरूरी काम से कलकत्ता जाना पड़ा। पर वह वायदा करके गए कि वापिस आने के बाद और खूब सारी कहानियां सुनोंगे।
मणि अपनी पढ़ार्इ और  शैंकी में मस्त हो गर्इ। एक दिन जब मणि स्कूल गर्इ हुर्इ थी उसके पापा दफ्तर जाने के लिए गैराज से कार निकाल रहे थे कि अचानक शैंकी को जाने क्या हुआ वो भागा-भागा आया और गाड़ी के टायर के नीचे आकर दबने की वजह से मर गया। अब मणि के मम्मी-पापा दोनों उदास हो गए। उन्हें सबसे ज्यादा मुशिकल यह हो रही थी कि वह मणि को कैसे समझाऐंगे क्योंकि अभी कर्मा भी नहीं है। ऐसे मौके पर कर्मा तो सारी बात संभाल लेता। स्कूल से आने के बाद मणि को शैंकी के मरने की बात ना बता कर यह बताया गया कि वो सुबह ही गेट खुला रहने की वजह से भाग गया था। फिर तो मणि ने जो रो-रो कर हाल बेहाल किया वो तो उसके पड़ोसी भी जान गए थे कि शैंकी कहीं बाहर चला गया है और वह जल्दी ही खुद-ब-खुद लौट आएगा।
दो-तीन दिन इन्तज़ार में बीते पर शैंकी नहीं आया। आता भी कैसे? इस बीच में मणि के पिताजी की कलकत्ता कर्मा से बात हुर्इ और उन्होंने सारी बातें उसे बता दी। कर्मा कल आ रहा है। चलो, अब तो वह सम्भाल ही लेगा। पर इन दो-तीन दिन में ना तो मणि ने ढंग से खाया और ना ही किसी से बात की। यहां तक की वो तो एक स्कूल भी नहीं गर्इ।
एक सुबह, मणि ने देखा घर के बाहर आटो आकर रूका, उसमें चाचू थे और ये क्या उनके पास एक छोटा-सा पिंजरा था और उसमे प्यारा-सा तोता था। वो अपनी जगह चुपचाप बैठी रही। चाचू उसके पास आकर बैठे और कहने लगे कि भर्इ, तुमने शैंकी को क्या कह दिया था। वो मेरे पास कलकत्ता आया था।

क्या….? आपके पास….! मैंने तो कुछ भी नहीं कहा। चाचू ने बताया कि शैंकी कहा कि मणि दी का मन करता है कि वह मुझे स्कूल ले जाए और मुझसे बातें करे पर मैं स्कूल तो नहीं जा सकता और मीठी-मीठी बातें भी नहीं कर सकता इसलिए आप मुझे तोता बना दो जब भी दीदी स्कूल जाऐंगी मैं उड़ कर उन्हें स्कूल तक छोड़ने जाऊंगा और वापिस आ जाऊंगा। और शाम को ढ़ेर सारी बातें करेंगे….  तो, लो भर्इ यह तुम्हारा शैंकी अब मैंने उसे तोता बना दिया है। तभी तोता भी बोलने लगा, हैल्लो……………. मैं शैंकी हूं, मणि………. मैं शैंकी हूं। मणि उस तोते से मिल कर इतनी खुश हुर्इ और चाचू के हाथ से पिंजरा छीन कर अपने कमरे में ले गर्इ। मम्मी-पापा भी सारी बातें पीछे खड़े होकर सुन रहे थे। शैंकी के साथ मणि को खुश देखकर तीनों की आंखें ड़बड़बा आर्इ थी।

 

girl and dog photo

कहानी आपको कैसी लगी. जरुर बताईएगा !!!

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20. You Can Be a Hero

This year's Summer Reading Club theme is "Every Hero Has a Story".  And most libraries are using Superheroes to bring in kids.  It's such a kid friendly theme!

Not all heroes are super heroes.  Every one of us can be a hero - at least, sometime.  Doing the small things like smiling at someone who smiles at you - even when you feel grumpy - can feel heroic sometimes.

On Wednesday, I will tell stories about Every Day Heroes at a local library.  The audiences there are usually fairly young, so telling historic stories of heroes of the past may not work.  I want the children to see that simple things - telling the truth, picking up trash, being kind - can make the world a better place.

I decided to search for "simple ways to change the world" online and I got a lot of things like:
1. Be present.
2. Be grateful.
3. Be kind to yourself.

Hmmm, explaining gratitude to a 4-year-old is hard.  And these kids are as present as anyone can be.

But one simple action, Plant something, caught my attention.

So here are my 5 Simple Ways to Change the World:
1.  Keep your own space clean and neat.  (I don't follow this advice very well myself.)
    The world space belongs to us all so this includes your house and your neighborhood.
2.  Speak the truth.  Hmmm, this is never as easy as it seems.  People use their words so cleverly.  Use YOUR words for good.
3.  Smile.  Yep.  That.
4.  Plant something.  Grow something.  In a can on the windowsill - caring for a living thing is good   
for you and the plant will clean the air around it.
5.  Keep the peace.  It is so tempting to be hurtful when we feel down or when someone is hurtful to us.  If we can't find a way to bring peace to our attacker, we should just walk away from them.  I am talking about every day attacks, not life threatening events.

There you go.  Johnny Appleseed, Wangari Maathai, Elzeard Bouffier are all heroes who planted trees.   I think at least one of them should make it into my program.  I'll let you know how it goes.




0 Comments on You Can Be a Hero as of 7/26/2015 5:10:00 PM
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21. Review – The Great and Wondrous Storyteller

Norbert P. Winklebottom begins his wondrous journey on the front end pages of Michael Scott Parkinson’s new picture book resplendent in suit, tie, and a dazzling sense of self-confidence for he is, The Great and Wondrous Storyteller. He has read books of all description, in every location from the top of cloud-clad mountains to the […]

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22. Love Story

 

monica story love u

Love Story

आज सुनिए मेरी लिखी एक और कहानी मेरी ही जुबानी
शीर्षक है … लव यू
http://radioplaybackindia.blogspot.in/…/love-you-by-monica-…

कहानी – लव यू

मणि का बेटा मनु, होस्टल जाने के लिए तैयार हो रहा था…उसका दाखिला दिल्ली के बहुत अच्छे कालिज में हुआ था. मणि बहुत खुश थी क्योंकि मनु की मेहनत जो सफल हुई थी और आज से वो बहुत अच्छे इंजीनयरिंग कालिज में पढेगा पर मां का दिल जो ठहरा.. मनु दूर चला जाएगा … कैसे रहेगा ? कौन करेगा उसकी देखभाल? बस यही सोच सोच कर उसकी आखे भर आ रही थी. बजाय बेटे के साथ कुछ पल बैठने के वो कभी कपडे धोने बाथरुम मे चली जाती तो कभी रसोई मे जाकर प्याज काटने लगती. बहाने बना कर के बस अपने आंसुओ को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रही थी. जब बेटे को बस स्टाप छोडने की बात हुई तो बहाना बना दिया कि काम वाली किसी भी समय आ सकती है. ताला लगा देख कर लौट ना जाए.

जाते जाते बेटा जब आशीर्वाद लेने आया तो चोरी चोरी मां की आखो मे देख ही लिया. मणि इसके लिए भी तैयार थी.. बोली बदलता मौसम है.. ना आज नाक और आंखो से पानी बहुत बह रहा है.छीके भी बहुत आ रही है. मनु चला गया और वो उदास मन से कमरे मे आकर बैठ गई. इतने मे बेटॆ का मैसेज आया ” क्या मम्मी आपको तो झूठ बोलना भी नही आता. अपना ख्याल रखना और मै भी अपना पूरा ख्याल रखूगा” लव यू !!! वैसे आप स्माईल करती ही अच्छी लगती हो !! अब मणि मुस्कुराती मुस्कुराती रो रही थी और बोल रही थी मम्मी too loves u बेटा .. अपना ख्याल रखना….

Love Story कैसी लगी … जरुर बताईगा !!!

 

 

 

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23. रिटायरमेंट

रिटायरमेंट

मोहन कुमार जिन्हें कभी लोग भाई साहब या बडे भाई के नाम से ज्यादा जानते थे  बार बार अपना मोबाईल और लैंड लाईन चैक कर रहे थे क्योकि बहुत समय से कोई फोन की घंटी नही बजी थी. उन्हे लग रहा था कि फोन मे शायद कोई गडबडी ना हो पर सब ठीक था इसलिए बार बार चैक कर रहे थे. अभी दस दिन ही हुए है उनकी रिटायरमेंट को. शहर मे बहुत अच्छे सरकारी ओहदे पर थे वो. नौकरी के दौरान उन्हे ना दिन का चैन ना रात की नींद .. हर समय वक्त बेवक्त बस कुछ अंंजाने रिश्तेदारों तो कभी जान पहचान नाते रिश्तेदारो के फोन ही घनघनाते रहते.

बडे भाई … आपकी गुडिया की शादी है जरुर आना है और हां अगर सात आठ गैस सिलेंडर का इंतजाम हो जाता तो..! भाई साहब… हम आज सपरिवार आपसे मिलने आ रहे है हफ्ता भर रुकेंगें. भाई जी … पासपोर्ट बनवाना है जल्दी. मुन्ना विदेश जाने की सोच रहा है .. आप साईन कर देना. भाई साहब… चाची बीमार है सोच रहे हैं कि आपके पास ले आए आप सरकारी अस्पताल मे कह कर अच्छा इलाज करवा दोगें .

बडे भाई साहब … सुना है आपके एरिया मे जमीन बिक रही है जरा सस्ते मे सौदा करवा दो .. !! भाई साहब … आपके भतीजे को जेल हो गई है . जरा जज से बात करके मामला रफा दफा तो करवा दो.

और बडे भाई या भाई साहब बने मोहन कुमार सभी का काम करवा देते. इस सब में घर वाले भी अक्सर नाराज हो जाते  इस बात पर अक्सर घर में तनाव भी हो जाता था  पर ….. !!!

मोहन कुमार इसी ख्यालो मे ही गुमसुम थे कि अचानक टेलिफोन की घंटी बजी. उनके चेहरे पर खुशी दौड गई.गला साफ करते हुए उन्होने फोन उठाया पर शायद वो गलत नम्बर था…

और वो सोच रहे थे कि उनके परिवार की नाराजगी कितनी जायज होती थी…

रिटायरमेंट….

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24. राजनीति, चुनाव और जुमले

         

राजनीति, चुनाव और जुमले

चुनावी घमासान

पिछ्ले दिनों चुनावों के चलते जबरदस्त राजनीति छाई हुई है. वही मीडिया भी बढ चढ कर एक एक टवीट और एक एक कुरेदा हुआ बयान बढ चढ कर दिखा रहा था. इसी बीच एक खबर और आई. सम्बंधित और प्रेरित वो राजनीति से थी पर अफसोस वो सुर्खिया नही बन पाई बस न्यूज चैनल पर स्क्रोल पर ही अपना स्थान बना पाई .

खबर थी जाने माने साहित्यकारों का सम्मान लौटाना. मशहूर लेखिका नयनतारा सहगल  जोकि पंडित जवाहरलाल नेहरू की भांजी  हैं उन्होनें ने अपना  साहित्य अकादमी पुरस्कार(पुराना ही सही)

   लौटाने का फ़ैसला  यह कह कर किया कि  “सरकार, भारत की सांस्कृतिक विविधता की हिफ़ाज़त करने में नाकाम रही है. इस वजह से ये सम्मान लौटाने का फ़ैसला किया है. इनके साथ साथ अनेक जाने माने साहित्यकार जैसाकि अशोक वाजपेयी, शशि देशपांडे, सारा जोज़ेफ़, सच्चिदानंदन गुरबचन भुल्लर ने भी साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाए .

http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151011_atamjit_singh_sahitya_academy_sdp

सोच की बात ये है कि क्या मात्र सम्मान लौटाने से हमारे नेता और उनकी राजनीति का स्तर सुधर जाएगा .. जितनी मुझे समझ आई वो  बात ये है कि बजाय सम्मान लौटाने के उन लेखकों और जाने माने साहित्यकारों  अपनी लेखनी को सशक्त माध्यम बनाते हुए अपने विचार जन जन तक पहुंचाने होंगे ताकि नेताओ के साथ साथ जनता  जनार्दन की मानसिकता मे बदलाव आए. हां, सम्मान लौटा कर कोई हल निकलेगा. एक प्रश्न चिन्ह है. जहां तक मैने देखा और सुना है कि किसी नेता की इस बाबत प्रतिक्रिया तक नही दी … ऐसे मे सम्मान लौटाने का औचित्य ???

वही एक बात और देखी. मोदी जी का एक कार्यक्रम मे बोलना कि ‘अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल भारत के नेल्‍सन मंडेला हैं.’बादल ‘वो महान नेता हैं जिन्हें आज़ाद हिन्दुस्तान में संघर्ष करते हुए भिन्न कारणों से क़रीब दो दशक जेल में रहना पड़ा. इसी बयान को लेकर टवीटर गर्माया रहा और विपक्ष बौखलाया रहा.. आम प्रबुद्द जन से पूछा तो सभी का यही विचार था कि क्या हो गया नेताओ को कुछ भी बोल देते हैं … !!!  

http://www.bbc.com/hindi/india/2015/10/151011_modi_compares_badal_mandela_md

हैरानी इस बात की भी है कि केजरीवाल जी अपना संदेश ओडियों के माध्यम से देते हुए कहते हैं कि इससे नेताओ का फायदा होगा…  अरे !! नेता जी शायद आप भूल गए नेता की श्रेणी में तो आप भी आते हैं वही राहुल जी  का कहना था कि नेताओ के लिए दंगें करवाना आसान हैं..!! समझ से बाहर से कि ये को क्या रहा है और आगे होगा क्या !!!

 राजनीति, चुनाव और जुमले  के बारे में आपके क्या विचार हैं ??

 

 

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25. ब्लाग लेखन

ब्लाग लेखन

सोशल नेट वर्किंग साईट में अगर किसी फीचर  ने बेहद प्रभावित किया तो वो है ब्लाग लेखन. जिन्हें अकसर समाचार पत्रों के सम्पादकों से शिकायत रहती कि उनका लेख वो नही छापते . इन सभी लेखकों व साहित्यकारों के  लिए एक आशा की किरण बनी ब्लाग लेखन जिसमे असीमित सम्भावनाए है बस आप के लेखन में अपनी बात कहने का हुनर होना चाहिए. बेशक, हुनर न भी तो पर लगातार छपने से लेखनी मजबूत होती जाती है और नए नए विचार आते रहते हैं.

 30 जून 2011 की है जब मैने नव भारत टाइम्स में अपना रीडर्स ब्लाग लिखना शुरु किया. तब से आज तक 730 लेख, विचार और कार्टून प्रकाशित हो चुके हैं और आज मुझे रीडर्स ब्लाग से author blog में शामिल कर लिया गया है . निसंदेह बेहद  खुशी का विषय है … !!!

शेष फिर….. नाम देकर  मैनें नए सिरे से  author blog की शुरुआत की है.  दायित्व और भी ज्यादा बढ गया है इसलिए मेरा सदा प्रयास रहेगा कि अपने लेख, कार्टून के माध्यम से अपने विचार और भी दमदार तरीके से व्यक्त कर पाऊ.. !!

http://blogs.navbharattimes.indiatimes.com/monicagupta/entry/upset-ravan

NBT Author blog ( Monica Gupta)

NBT Author blog
( Monica Gupta)

पहली पोस्ट  author blog के रुप में

ब्लाग लेखन

 

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