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1. Earth Quake

CDa9md6UIAAsUyOअचानक फोन घनघना उठे … सभी की राजी खुशी की खबर पूछे जाने लगी … बहुत खुशी है कि भूकम्प को बहुत से फेसबुक मित्र हल्के मे ले रहे हैं और मजाक भी कर रहे हैं. सच पूछो तो इस तरह की प्राकृतिक आपदाए हिला कर रख देती है.. इस पर अपना जोर नही चल सकता बस इतना ही कह सकते है कि … ईश्वर सभी को ठीक रखें …

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2. Article … Suicide of a News

एक खबर की खुदकुशी ….

 

जंतर मंतर पर किसान रैली चल रही थी और मैं अन्य दर्शकों की तरह टीवी पर  खबर देख रही थी. बेशक, बीच बीच में चैनल भी बदल रही थी कि अचानक कुछ ऐसा दिखाया जाने लगा कि रिमोट एक तरफ रख कर मैं नाखून चबाते हुए रैली का प्रसारण लगातार देखने लगी. यकीनन  नजरे मेरी  थी पर मीडिया की आखों से देख रही थी जो दिखाया जा रहा था वही देख रही थी  और देखते देखते मेरे मन मे सिर्फ एक ही बात आ रही थी प्लीज केजरीवाल जी, भाषण बंद कीजिए और उस किसान के साथ अस्तपाल जाईए… और फिर बार बार बार बार कुमार विश्वास का सीन दिखाना लटक गया के बाद उनका इशारा करना … दिमाग खराब हो चुका था कि यह सब आम आदमी पार्टी कर रही है फिर आशुतोष का यह कहना कि अगली बार ऐसा होगा तो … बार बार दिखाए जाने पर मेरा मन आम आदमी पार्टी के प्रति बिल्कुल बदल चुका था. खुद भी पत्रकार रही हूं इसलिए हर बात को गौण करते हुए एक ही बात बार बार मन मे आ रही थी कि केजरीवाल जी को उस समय पेड के पास चले जाना चाहिए था या भाषण रोक कर  मंच से ही अपील करनी चाहिए थी जैसाकि मोदी जी ने एक रैली के दौरान दो युवको से की थी (ये भी मैने एक खबर में देखा था) पर पता नही उस समय मंच पर क्या चल रहा था क्या नही पर जो हुआ ठीक नही हुआ और मन में कडवाहट् भर गई.

सारे चैनल आप पार्टी को दोष देने लगे और उनका  लगातार  इसी खबर पर फोकस रहा. फिर धीरे धीरे पता चला कि मृतक व्यक्ति आर्थैक रुप से कमजोर नही थे जो उनकी आत्महत्या की वजह बनता. जो पर्ची चैनल वाले को  मिली उस पर यही लिखा था कि उनके पिता ने उन्हें घर से निकाल दिया था. खेती उजड गई है. तीन बच्चे हैं अब वो घर वापिस कैसे जाए.  अब यह बात भी सामने आ रही है कि वो लिखावट उनकी नही थी. तो पत्र किसने लिखा ??? एक अंग्रेजी  अखबार के मुताबिक मरने से कुछ देर पहले तक उन्होने पेड पर से बहुत पोज दिए. पेड पर बैठे बैठे चिल्ला भी रहे थे अपना ध्यान लोगो की तरफ करने के लिए उन्होनें गले मे गमछा  लपेट कर दूसरा सिरा  टहनी से कस दिया ताकि वो फोकस मे आ जाए पर इस बीच उनका दाया पैर फिसल गया. और जो हुआ हमारे सामने है. निसंदेह जो हुआ बहुत दुखद था.

घटना से कुछ देर पहले उन्होनें फोन करके अपने घर यह भी सूचना दी थी कि वो रैली वाली खबर पर टीवी पर आएगें. अब बात आती है मंच पर बैठे लोगो की. जिनके अनुसार पेड पर क्या हो रहा है दिखाई नही दे रहा था पर हलचल जरुर हो रही थी. लगातार मृतक व्यक्ति पोज दे देकर फोटो भी खिंचवा रहा था जोकि हम सभी ने टीवी पर देखा. मेरा प्रश्न आप सभी से ये है कि जो लोग उस समय उस व्यक्ति के पास खडे थे जो उसे देख रहे थे चाहे पब्लिक हो, पुलिस हो क्या उनका कुछ फर्ज नही था. क्या मीडिया वाले  उसे नीचे लाने की अपील नही कर सकते थे … कि सभी को चटपटी खबर मिल रही थी इसलिए मजा ले रहे थे. मेरे विचार से ,मंच पर बैठे लोगो से पहले गुनहगार वो लोग हैं जो उस व्यक्ति को देख कर फोटो ले रहे थे, देख रहे थे  और मसालेदार खबर बना कर पेश करे जा रहे थे.

जाने माने पत्रकार राहुल कंवल ने टवीट किया कि जो पत्रकार नेताओ पर आरोप लगा रहे हैं वो जरा देर रुके और खुद से पूछे कि हममें से कोई उस वक्त कोई मदद के लिए आगे क्यों नही आया.

मात्र एक पार्टी को निशाना बना कर राजनीति करना सही नही है आप पार्टी अपनी गलती मान रही है और रो भी रही है पर इससे भी चैनल वाले संतुष्ट नही. कल फिर एक चैनल वाला साईट पर खडा होकर बता रहा था कि मंच से ये पेड बहुत दूर था. कुछ दिखाई देन असम्भव नही था. क्या ये बात वो पहले दर्शको तक नही पंहुंचा सकते थे इतना ही नही एक चैनल वाले ने बताया कि वो वसुंधरा राजे , भाजपा के खिलाफ नारे बाजी कर रहा था. जिस बात को उछाला नही गया पर वही आज तक पर आशुतोष फफक कर रो पडे और अंजना संवेदनहीन होकर प्रश्न पूछती रही. बार बार बार बार  यही दिखाया गया. वही कांग्रेस और भाजपा की प्रसन्नता मन ही मन छिपाए नही छिप रही क्योकि अब खुले आम उन्हें आप पर ऊंगली उठाने का मौका मिल गया.

कुछ देर पहले एक बहुत छोटी से खबर दिखाई कि मृतक  के परिवार वाले कह रहे थे हमे जबसे ये खबर दिखाई है कि आप पार्टी बार बार पेड पर चढे व्यक्ति कि उतारने की अपील कर रही थी. पुलिस को बोल रही थी. अब हमे लग रहा है कि उनका कसूर नही है…

बताईए … क्या कहेंगें… क्या न्यूज चैंल को दोनो तरफ के पक्ष रख कर खबर नही दिखानी चाहिए क्या खुद ही वकील और जज बन कर सारे फैसले सुनाएगी. एक खबर की असलियत कही दफन हो गई और राजनीति जबरद्स्त रुप से हावी हो गई … अफसोस !!! एक बार फिर एक खबर की आत्महत्या हो गई.

 

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3. लेख… लाईव खुदकुशी

लाईव खुदकुशी …

वो तो मीडिया के पास कोई और खबर नही है इसलिए एक ही खबर जंतर मंतर और आम आदमी पार्टी कसूरवार  से चिपके हुए हैं कोई दूसरी खबर आते ही उस पर टूट पडेगी …  फिर तू कौन मैं खामखाह… कौन सा किसान और किसकी आत्महत्या.. !!!

….किसी के रोने पर टीआरपी, आपतिजनक बयानों को बार बार दिखाने पर टीआरपी .. पूरी तरह से संवेदनहीन है मीडिया.. तस्वीर का एक ही रुख दिखाता है जबकि अगर वो खुद ही जज और  वकील बन कर जनता के सामने खडा  हैं तो तस्वीर के दोनों रुख पेश करने चाहिए  और जहां तक राजनीति की बात है मीडिया मे किस कदर राजनीति हावी है हम सब जानते है…. वाकई ये वो मीडिया नही है अफसोस !!! मिर्च, मसाला , छौक, तडका… कुछ ज्यादा ही हो रहा है … कम डालो ,नपा तुला डालो और ढंग से परोसो भई अन्यथा …

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4. लेख -सोच

 

एक जानकार बहुत अमीर हैं और उनकी विशाल हवेली  निर्माणाधीन थी. मैं वहां गई तो उन्होने मुझे कहा कि उपर तक जाकर सारा देख कर आओ. मेरे पूछने पर उन्होनें बताया कि सीढियों पर नही चढ सकते क्योकि घुटनों मॆ दर्द है लिफ्ट अभी लगी नही है. मैं सारा घर देख कर नीचे आ रही थी तो देखा कि पतले दुबले मजदूर कोई सीमेंट की बोरी लेकर उपर चढ रहे थे तो कोई दस दस ईटे … गजब की फुर्ती पाई थी उन मजदूरों ने.

बातो बातों में जानकार ने बताया कि कल मजदूर आपस मे बात कर रहे थे कि मालिक कितना अमीर है इतना आलीशान घर बनवा रहा है जबकि वो सोच रहे थे कि मजदूर कितने सुखी है सुबह से शाम तक आराम से काम करते हैं बीच में अपना टिफिन खाते हैं 1 घंटे की नींद लेते हैं और शरीर इतना मजबूत की भारी भारी सामान भी सीढियों पर ले जाए जबकि उन्हें स्वयं सीढी पर चढने के लिए सहारे की जरुरत होती है और काम का इतना तनाव रहता है कि नींद लाने के लिए भी गोली खानी पडती है.  वो बता रहे थे कि उनके हिसाब से मजदूर ही ज्यादा सुखी है. हालाकि इनका इलाज चल रहा है पर यह बात भी शत प्रतिशत सही है कि ठीक होने के बाद भी वो इतने एक्टिव कभी नही हो पाएगें.

मुझे महसूस हुआ कि वो भीतर से बहुत दुखी है. असल में ये भी सच है कि जो हमारे पास नही होता अक्सर हम उसी की इच्छा रखते हैं. मजदूरों को अमीरी प्रभावित कर रही थी और जानकार को उन मजदूरों का बढिया स्वास्थ्य. देखा जाए तो परेशान हम सब ही है पर अगर सकारात्मक नजरिया रखेंगें तो जिंदगी ज्यादा अच्छे ढंग से जी पाएगे अन्यथा परेशान ही रहेगें… इतने मे मजदूरो की चाय बन कर आ गई और वो सब सुड सुड करके चाय की चुस्की लेने लगे … बाहर निकली तो आंटी खम्भों और दीवार की तराई यानि पानी दे रही थी ताकि वो मजबूत बनें और मै6 सोच रही थी कि इतनी इमारते बन गई अब हम उन्ही को मजबूत बनाने के लिए पानी देते हैं जबकि पहले हरियाली के लिए  पौधों को पानी दिया करते थे … cartoon-building-monica

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5. लेख -अर्थ दिवस पर अनर्थ

किसानआज यानि अर्थ दिवस पर अनर्थ हो गया. पर राजनेता क्या इस अर्थ  से सबक ले पाएगें या हमेशा की तरह अर्थ हीन राजनीति ही होती रहेगी
जंतर मंतर पर आज, किसान रैली में,  राजस्थान के किसान गजेन्द्र सिंह राजपूत ने पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या कर ली . सारा मीडिया वहां था और  देखते ही देखते …. !!!!
मेरा विचार यह है कि अगर, जिस समय पता चला कि कोई लटक गया है तो उसी समय भाषण रोक कर तुरंत उस व्यक्ति की और जाना नही भागना चाहिए था और उसे स्वयं अस्तपाल जाते तो शायद …
अगर ये होता तो ऐसा होता अगर वो होता तो ऐसा होता … जो भी हुआ बेहद दुखद हुआ…
प्लीज….  एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप न करे!
हे ईश्वर सदबुधि दो

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6. लेख – बाल साहित्यकार

आज नेट पर सर्च करते हुए अचानक कुछ ऐसा पढने को मिला कि दिल खुश हो गया. असल में , सर्च के दौरान मैने अपनी कहानी भईया पर जाने माने साहित्य कार श्री मनोहर चमोली “मनु” जी की प्रतिक्रिया पढी. वैसे तो वो लेख है जिसमे देश के बाल साहित्यकारों की रचनाओं को लेकर  उन्होने अपनी राय दी है. कहानी “भईया” पर उन्होनें अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है ….

 

मोनिका गुप्ता (हरियाणा)रिश्तों की कथाकार हैं। वे बच्चों के बीच आत्मीय संबंधों का खुलासा भी करती हैं। उनकी एक कहानी है ‘भईया‘। भाई-बहिनों में कभी-कभार तकरार-नोंकझोंक हो ही जाती है। लेकिन एकदम से वह प्यार में भी बदल जाती है। यह कथाकार बेहद सरल तरीके से गहरे तक रिश्तों की पड़ताल कर लेती हैं। दोस्ती से लेकर झगड़ों के भावपूर्ण कथाएं कहना आसान नहीं। वह भी तब जब उनका अंत सकारात्मक हो। मोनिका गुप्ता की कहानियों में बालिकाओं की मनस्थिति का सूक्ष्म अवलोकन मिलता है।

 

 

ये उनके विचार है और ये है लिंक जिस पर जाकर हम बाल साहित्यकारों के बारे मे जान सकते है

 

http://www.yuvasughosh.com/2014/12/19/%E0%A4%86%E0%A4%A7%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%B8%E0%A4%BE/

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7. Only for Ladies

केवल महिलाओ के लिए …!!! (लेख )

यह लेख केवल महिलाओ के लिए ही है. पर मै जानती हू कि हम सभी अपनी आदत से मजबूर है और जिस काम को मना किया जाए  उसे तो किसी भी कीमत पर करना ही होता है.जैसे कि आमिर खान ने देहली बैली फिल्म बनाई और उसने  सभी से कहा कि बच्चे ना देखे. जो अपशब्द भाषा इस्तेमाल नही करते वो भी ना देखे पर नतीजा क्या हुआ.बच्चो ने सबसे ज्यादा देखी.इसका सीधा सीधा  कारण बस उन्हे मना करना ही था है ना. नन्हे मुन्ने बच्चो को मुहँ मे चप्पल डालने का बहुत शौक होता है जितना मना करो वो उतना ज्यादा ही करते  है. हमारा स्वभाव ही ऐसा बन चुका है कि मना करने पर एक हिलोर सी उठती है कि इसे तो करके ही देखे कि आखिर मना किसलिए किया गया है

तो अब मै अपनी बात पर आती हूं. असल मे, मै यही चाह्ती थे कि हम सब चाहे पुरुष,बच्चे या बुजुर्ग हो इस लेख को पढे क्योकि इसका सम्बंध हमारे घर की धूरी यानि महिला से हैं.

कोई शक नही कि आज घर हो या द्फ़्तर दोनो काम बखूबी सम्भाले हुए है पर खुद कितने तनाव मे रहती है इसका किसी को कोई अंदाजा नही हो सकता. मेरा सभी महिलाओ  से अनुरोध है कि प्लीज टेंशन को अपने घर मे  घर मत बनाने दें. खुश रहे और मस्त रहे. मुझे पता है कि कहना बहुत आसान है कि खुश रहो पर जिस पर बीतती है वही जानता है आप यही सोच रही होंगी.है  ना. पर यकीन मानिए आज के समय मे एक भी घर या परिवार   ऐसा नही जिस को  तनाव, चिंता या परेशानी ना हो.हर एक घर की  अपनी  ही राम कहानी होती है.फालतू की बातो पर तूल देने की बजाय, उधर उधर बाते बनाने मे  समय बेकार गवाने की बजाय  कुछ भी रचनात्मक करें.

अगर आप कामकाजी है तो समय निकालिए अपने बच्चो और परिवार के लिए और अगर आप घर पर ही रहती हैं तो आप कुछ रचनात्मक करें. अपनी अनदेखी ना करें कि आप किसी भी काम की नही या किसी को आपकी कोई कद्र ही नही.आप बहुत समझदार हैं और आप समय का बहुत अच्छा उपयोग कर सकती हैं  आज कल तो नेट भी बहुत जानकारी दे सकता है.पर इस पर लाभदायक काम कर सकती हैं पर इसका मतलब यह भी नही है कि सारा सारा दिन नेट पर ही जुटी रहे. और घरवाले परेशान ही हो जाएं. हर काम का समय बाधं ले और जिंदगी को जीना सीखें.

सबसे पहले खुद को अच्छा माने कि मै अच्छी हूं क्या हुआ कि कई बार सब्जी अच्छी नही बनी. क्या हुआ कि कई बार साहब की कमीज मे दाग लगा रह गया.क्या हुआ अगर हिसाब किताब करते समय हम अपनी उगलियो पर गिनना शुरु कर देते हैं .परिवार मे किसी दूसरे के दर्द को देख कर अपना दर्द भुला देते है.खुद फ्रिज का बचा हुआ खाना पसंद करते हैं और परिवार के लिए ताजा ही  बनाना चाह्ती है.जब दूसरे के प्रति हम  इतनी सोच रखती है तो अपने को क्यो भूल जाती है. बस आज से और अभी से आप अपने से बात करके उसे जानिए और अपना ख्याल रखते हुए मस्त रहिए यकीन मानिए अगर आप खुश रहेगी तो सारा परिवार भी खिलखिला उठेगा. मुझे उम्मीद है कि परिवार के सभी लोग इसे पढ रहे होगे और उनको उचित प्यार,मान सम्म्मान और समय देगे जिसकी वो सच्ची हकदार हैं.

बस हमे इतना सा करना है कि सकारात्मक सोच ही रखनी है. मैने कही पढा था कि आपके आसूं बताते है कि आप प्याज काट रही हैं. आपकी चुप्पी यह बताती है कि आपके पर्स मे रुपए खत्म हो गए हैं और आपकी मुस्कान यह बताती है कि आज आपने बहुत अच्छी तरह से दातं साफ किए हैं. ह हा हा !!! कहने का मतलब यही है कि जिंदगी को बहुत खुशी खुशी जीए इसे मुसीबत मत बना कर रखो. हर बात मे अच्छाई खोजें,खुशियां खोजें और जो भी अच्छा लगे उसकी खुल कर प्रशंसा करें फिर देखें जिंदगी कितनी प्यारी लगेगी. है ना.

शुभकामनाए …!!!

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8. सकारात्मक सोच

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घना अंधेरा था गरीब बच्चों के पास कोई बिजली का उपकरण नही था डर था कि गहन जंगल से बाहर  कैसे जाएगें पर हिम्मत नही हारी कुछ जुगुनूओ को पकड लिया राह दिखाने के लिए और निडर बेखौफ चलते चले गए और घर पहुंच गए… अगर डर के मारे वही बैठ जाते तो हो सकता है कि कोई जानवर ही खा जाता पर एक सकारात्मक सोच और सूझ बूझ भरे आईडिया ने दिशा दिखाई … हमे भी जिंदगी मे हमेशा सकारात्मक सोच लेकर चलना चाहिए और देखना  रास्ते मिल ही जाएगें …

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9. प्लीज!! राहुल जी

rahul_gandhi

अगर मुझे राहुल गांधी जी से एक बार मिलने का मौका मिले तो मैं यही रिक्वेस्ट करुगी कि प्लीज आप भाषण उसी तरह दीजिए जैसा कि आप अपने मेक ओवर से पहले दिया करते थे.. ज्यादा तेज बोलना’ चिल्लाना आपकी पर्सनेलिटी पर सूट नही करता .जिस परिवार से आप है और जो आपकी सोच है निश्चय तौर पर वही ठहराव, गम्भीरता, मुस्कान और प्यार से बोलना ही आप पर सूट करता है. हर एक के बोलने का अपना अपना स्टाईल होता है और आपका वही स्टाईल बहुत अच्छा था . आप ज्यादा तीखे और आक्रमक होकर लोगो से मजाक उडवाने का कारण न बने प्लीज !!

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10. उलझन सुझाव

aricle-uljhan-bhaskerहमे बहुत बार अनेक उलझनों का सामना करना पडता है पर हल भी हमारी दुविधा में ही छिपा होता है इसलिए घबराना नही चाहिए. दैनिक भास्कर की मधुरिमा पत्रिका में ऐसी ही एक उलझन को सुलझाते हुए :)

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11. दीदी की चिठ्ठी

Monica Guptaदैनिक नवज्योति , जयपुर से नियमित हर रविवार दीदी की चिठ्ठी प्रकाशित होती रही है.

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12. The Life of Trees and the Tree of Life: An Annotated List of Multicultural Non-Fiction Picture Books About Trees

The Life of Trees and the Tree of Life: An MWD Annotated List of Multicultural Non-Fiction Picture Books About Trees

Tree of Life: The Incredible Biodiversity of Life on Earth, written by Rochelle  … <a class=Continue reading ...

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13. ‘The Spirit of the Baobab Tree: Bridge to a Forgotten Past’ by Dionne Champion

MWD Article: The Spirit of the Baobab Tree: Bridge to a Forgotten Past

Dionne Champion, Founder and Art Director of DancExcel and co-author of The Spirit of the Baobab TreeThe Spirit of the Baobab Tree (Xlibris Corp., 2008) … Continue reading ...

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14. The National Education Association's digibook about Education Support Professionals


The National Education Association just published a digibook about Education Support Professionals. Learn about what everyone does for the whole child, and read some great stories of magic happening in all corners of our schools. I am proud to have contributed an article on what I see happening in the schools that I visit.

Find the link to the free book here!

0 Comments on The National Education Association's digibook about Education Support Professionals as of 3/11/2015 6:30:00 PM
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15. Article …. Drive

Drive …. कुछ देर पहले एक मोटरसाईकिल वाला अपनी बाईक को एक किनारे पर लगा कर मोबाईल पर बात कर रहा था. बहां से तीन लडकियां जा रही थी उसे देख कर मुंह पर हाथ रख कर हसंने लगी और बोलने लगी ये बदलने चले हैं समाज को … by chance मैं वही खडी थी.. … Continue reading Article …. Drive

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16. Seeds of Inspiration: Books for Children and Young Adults about Wangari Maathai

'Seeds of Inspiration: Books for Children and Young Adults about Wangari Maathai' - Mirrors Windows Doors article

Wangari Maathai - photo credit: Martin RoweWhat better way to introduce MWD’s new theme, ‘Branching Across the … Continue reading ...

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17. Entertainment Weekly's list of 50 Books Every Kid Should Read

Entertainment Weekly just released a list of 50 Books Every Kid Should Read. As I read the list, I kept thinking, "That's interesting," as in it was interesting to see what was included and what was not. For example, I was incredibly happy to see The Phantom Tollbooth, the All-of-a-Kind Family books, and The Book Thief on the list. Then there are some titles that I wouldn't have included, but that's just me. I'd be interested to hear what books on this list my fellow bloggers and loyal readers have read, and what books they would add to the list. Please leave your comments below so we can discuss.

Here is the list as presented by Entertainment Weekly. Note: The print article has the byline "by Chris Lee" while website says "by EW staff."

If the title is italicized, then I've read it.
If the title is bold and italicized, then I strongly recommend it.

Ages 3-5
Madeline by Ludwig Bemelmans
Green Eggs and Ham by Dr. Seuss
Where the Wild Things Are by Maurice Sendak
Bread and Jam for Frances by Russell Hoban
- All of the Frances books are cute. My favorite Hoban story is Emmet Otter's Jug-Band Christmas.
Strega Nona by Tomi dePaola
The Polar Express by Chris Van Allsburg - This story is special to me.
The Mitten by Jan Brett

Library Lion by Michelle Knudsen
The Lion & the Mouse by Jerry Pinkey

Ages 6-8
The Story of Babar by Jean de Brunhoff
Charlotte's Web by E.B. White
The Ramona series by Beverly Cleary
- I have read every single Ramona book, and all of the books that take places on Klickitat Street!
A Bear Called Paddington by Michael Bond
Sylvester and the Magic Pebble by William Steig
- Very precious to me.
Tar Beach by Faith Ringgold
The Magic Tree House series by Mary Pope Osborne - I've only read a few
The Arrival by Shaun Tan - I think this is the wrong category for this book; it is a wordless graphic novel, and Tan himself differentiates it from children's picture books
Diary of a Wimpy Kid by Jeff Kinney</i> - I've only read a few

Ages 9-11
The Black Stallion by Walter Farley
All-of-a-Kind Family by Sydney Taylor - Wonderful books!
The Borrowers by Mary Norton

Island of the Blue Dolphins by Scott O'Dell
James and the Giant Peach by Roald Dahl - I prefer Charlie and the Chocolate Factory.
The Phantom Tollbooth by Norton Juster - So awesome.
Where the Red Fern Grows by Wilson Rawls

D'Aulaires' Book of Greek Myths by Ingrid & Edgar D'Aulaire
Harriet the Spy by Louise Fitzhugh
From the Mixed-up Files of Mrs. Basil E. Frankweiler by E.L. Konigsburg
Are You There, God? It's Me, Margaret. by Judy Blume
Roll of Thunder, Hear My Cry by Mildred D. Taylor

The Adventures of Captain Underpants by Dav Pilkey
Holes by Louis Sachar
Bud, Not Buddy by Christopher Paul Curtis
A Series of Unfortunate Events by Lemony Snicket - I've only read a few
The Tale of Despereaux by Kate DiCamillo
One Crazy Summer by Rita Williams-Garcia
Wonder by R.J. Palacio

Ages 12+
The Lion, the Witch and the Wardrobe by C.S. Lewis - My favorite in the series
A Wrinkle in Time by Madeleine L'Engle</b>
The Outsiders by S.E. Hinton
Bridge to Terabithia by Katherine Paterson - Tears.
The Giver by Lois Lowry - So much better that the companion books that followed it.
The Harry Potter series by J.K. Rowling

Monster by Walter Dean Myers
Esperanza Rising by Pam Munoz Ryan
The Sisterhood of the Traveling Pants by Ann Brashares
The Book Thief by Markus Zusak - TEARS.
The Hunger Games by Suzanne Collins
Smile by Raina Telgemeier
The Fault in Our Stars by John Green
- I prefer Looking for Alaska.

See the article/list in image form at Dave Roman's Tumblr or click through the gallery at the Entertainment Weekly website.

Want to check out my top book picks for kids? Here you go:
So You Want to Read YA?
Middle School Must-Haves
Funny Fiction for Kids
Favorite Picture Books
Favorite Beginning Readers
Coming-of-Age Novels aka Bildungsromans
Tough Issues for Teens
...and all of my booklists plus my best of lists, which I post once a month and once a year.

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18. Writing honestly from your true passions

The myth that publishers have stacks of manuscripts  and that writers have to line up in a long queue was deflated by Jennifer Bacia during her talk at the Gold Coast Writers Association meeting . ‘Actually, that is not the case’ she stated. According to Jennifer, publishers are always looking for something that will make […]

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19. Spooky Oldies From Reynold Brown

Contributed by Owen Schumacher

As we draw ever closer to the creepiest night of the year, it's only fitting to recall the classic horror movie posters of Reynold Brown. Aside from covering a lot of the silly schlock films of the '50s—Tarantula and I Was a Teenage Werewolf, anyone?—Brown also illustrated a number of noirish paper back covers, too, like author Erle Gardner's Silent Cover (1948) and Martha Albrand's After Midnight (1951).


Oh, and he also did the Ben-Hur poster—which to me is hands-down one of the great movie posters of all time. Just look at that epic, stony title ascending to the heavens. It stirs the soul!

Anyway, let Reynold give you some campy thrills this Halloween season. And as you wait for trick or treaters to ring the doorbell, cue The Time Machine on NetFlix while you're at it. The Eloi can't defeat the Morlocks on their own.
0 Comments on Spooky Oldies From Reynold Brown as of 1/1/1900
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20. L Filipe dos Santos: Quick And Purty

Contributed by Owen Schumacher

What do you do when you find an amazing artist like L Filipe dos Santos (or Corcoise, as he seems to prefer), but almost everything written about him is in Portuguese? Answer: You let his amazing art do all the talking for you.

Still, before you take in Dos Santos' elegant, fast-and-loose drawings, be sure to follow his blog—on which he thankfully writes in Portuguese and English—as well as his Flickr stream.




0 Comments on L Filipe dos Santos: Quick And Purty as of 1/1/1900
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21. Dreamy Plaid Noir: The Paintings Of Kris Knight

Contributed by Owen Schumacher

Who are these moody 20-somethings lazing around an icy North American wilderness, and why do I find them so fascinating?

The truly odd and delicate paintings of Toronto-based artist Kris Knight are a decidedly strange brew: vague David Lynchian narratives, evocative teenage poutiness, boo!-inducing landscapes, aesexual things that go bump in the night—heck!—even cable-knit sweaters. But as the first guy to pour maple syrup on his breakfast links came to find out, weird combos are often, surprisingly or not, the most interesting of all. Kris' paintings have that "syrup on sausage for the first time" effect.

So before we take in any more of Knight's maple leaf mysteries, be sure to follow the man's wonderful Flickr stream. See you at the abandoned cabin!

0 Comments on Dreamy Plaid Noir: The Paintings Of Kris Knight as of 1/1/1900
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22. Another Guys Lit Wire Book Fair for Ballou High School

In May of 2011, GuysLitWire held a book fair for Ballou High School in Washington, D.C. At that time, there were over 1,200 students enrolled in that school, and only 1,150 books in their library - less than one book per student.

Now you can help Ballou for the holidays! Here is the direct link to the wish list at Powells: http://bit.ly/GLWBookFair

Additional instructions from Colleen, who runs GLW and set up these book fairs:

Once you have made your selections head to "checkout" and you will be prompted to inform Powell's if the books were indeed bought from the wishlist. This lets the store know to mark them as "purchased" on the list. After that you need to provide your credit card info and also fill in the shipping address.

Melissa Jackson, LIBRARIAN
Ballou Senior High School
3401 Fourth Street SE
Washington DC 20032
(202) 645-3400


It's very important that you get Melissa's name and title in there - she is not the only Jackson (or Melissa) at the school and we want to make sure the books get to the library.

The bookfair will run through November 28th, 2011.

Whether or not you can donate to this event, I hope you are moved to check in with your local school libraries and public libraries and see if they need your help. The American Library Association (ALA) standard is 11 books per student. Donate new or old books to help the libraries near you not only reach that standard, but exceed it!

Also donate your time and energy: become a library volunteer! Help shelve books on the weekend. Sell used books at their book sales. Read books during storytime. Become an afterschool tutor or literacy buddy. Share the love of reading!

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23. Diana Wynne Jones Blog Tour

Last year, we lost acclaimed fantasy author Diana Wynne Jones. To honor her life and her legacy, Penguin Books and Firebird have organized a blog tour, which I'm honored to be a part of today.

The Chronicles of Chrestomanci series by Diana Wynne Jones involve parallel universes, magic, and cats. Is it any wonder that I promptly read the first four books one after the other, many years ago? Diana often wrote about parallel universes, a subject I often like in fiction, be it in novels, in films, or on TV. (Can you imagine seeing her books in the home Walter and Peter Bishop of the TV show Fringe? How cool would that be?)

When I first read The Dalemark Quartet, I was curled up in a chair at my mom's workplace, patiently waiting for her shift to end. (This was a common occurrence, my reading and waiting.) The Dalemark Quartet transported me into a world of music and spies.

I recently asked other bloggers and authors what their favorite Diana Wynne Jones books were, and here's what they said:

My favorite Diana Wynne Jones book is] FIRE & HEMLOCK - I'll be posting about it (here) but mostly the message of finding your way & being brave.

- Colleen Mondor, author of The Map of My Dead Pilots

I don't even know where to begin! Here's the very long post I wrote when she died. And here's probably the most question-answering quote (okay, two paragraphs) out of it: "But reading DWJ's writing is different than reading other brilliant writers, too. Other brilliant writers, I read and think, "What an amazing book, I will never be able to write anything that good, I should just give up now." With Jones, I read and ... don't think anything about how my abilities compare to anyone else's at all. Instead, the floodgates of my imagination open, and I am suddenly seeing stories in everything again, hearing characters come to life in my head, THINKING LIKE A WRITER instead of like a wannabe-writer. I connect to her odd outlook on the world. It makes me feel like I have something worth writing about after all.

See, here's the difference between her and most people. See, most people will sit around a living room and maybe notice a unique piece of artwork, the brand name of the TV, whatever. An observant person might look at a pile of cushions on a chair and say, "Hey, that chair looks like it has a face." An IMAGINATIVE person (I dare put myself in this category) might say, "and it looks EXCEEDINGLY bad-tempered and grouchy for a chair." But DIANA WYNNE JONES would look at that chair and say "I AM SO WRITING A STORY ABOUT HOW THAT BAD-TEMPERED CHAIR PERSON COMES TO LIFE AND WREAKS HAVOC!" and we end up with the first story in her Stopping for a Spell collection. NOBODY ELSE WOULD HAVE WRITTEN THAT STORY. BUT SHE DID BECAUSE SHE'S AWESOME."

Technically, I discovered her three times. Apparently I read The Lives of Christopher Chant as a child but then forgot about it entirely until I picked it up again as an adult and realized I'd read it before. Then, as an adult, I read The Tough Guide to Fantasyland and loved it. But I remember looking at the name "Diana Wynne Jones" and feeling that it was one of the most famous names in the world of fantasy lit, so therefore I assumed I must have read SOMETHING by her in my life, but I couldn't remember what. Then, when House of Many Ways came out, I kept reading all these glowing reviews that kept referring to the ever-well-loved Howl and I said "Who IS this Howl and why have I not read anything about him before?" so I checked out Howl's Moving Castle and fell immediately deeply in love. With Sophie, actually. Halfway through Castle In the Air (which I naturally picked up next) I already decided I'd found a new Favorite Author Ev

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24. So You Want to Read YA?

Kelly from the Stacked blog rounded up a bunch of bloggers, booksellers, and librarians and asked them to list the YA novels they'd recommend to someone who is just starting to dip their toes in the waters of the Young Adult bookshelves. When she asked if I'd like to kick off this round, I replied, "Twist my arm!" Here are a dozen books to get you started.


Body Bags by Christopher Golden begins with the line: "It was a beautiful day to grow up." Body Bags is the first in a line of ten novels - collectively known as Body of Evidence - which follow Jenna Blake as she begins college and starts working as an assistant at the Medical Examiner's office. I highly recommend this series. Both adults and teenagers will discover plenty to relate to and enjoy in this line. Readers will find Jenna visiting crime scenes and autopsy rooms nearly as often as she's in her dorm. Her relatives, friends, and studies factor into the books just as much as serial killers and detectives.  Throughout the series, Christopher Golden - and, later, collaborator Rick Hautala - created characters who are believable but anything but cookie-cutter. The quality of Body Bags is above and beyond most suspense novels, and it continues throughout the series, versus other series which lose the momentum after a few books, or series in which the books become carbon copies. If you enjoy medical thrillers with great characters, especially if you watch(ed) television series such as CSI or Profiler, or read or watch Rizzoli & Isles, then you need to read these books right now. You won't be sorry.
Read my review of the book, and the entire series.

The Disreputable History of Frankie Landau-Banks by E. Lockhart is, dare I say, a coming-of-age story. It's not about breaking the rules, nor it is about controlling others. It's about daring: daring to be yourself, daring to stand up for yourself, daring to step outside of your comfort zone, daring to change the world. This novel possesses all of the elements necessary for a good bildungsroman, following the protagonist's journey through her formative years. Both snarky and serious, this History is written by the victors: the memorable narrator and the author. Frankie is smart, grounded, and direct, but she also has a quirky side. Author E. Lockhart (The Boyfriend List, Dramarama) writes with heart and authentic feeling. History has an incredible conclusion, and Frankie becomes a remarkable young woman.
Read my full-length review of the book.

The Truth About Forever by Sarah Dessen is about grief, acceptance, and everything in-between. It's about running - running for fun, running out of fear, running from yourself, running from the truth. It's also about to-do lists, kitchen messes, and really good waffles. It's about long conversations and comfortable silences. It's about forever, which is yesterday, today, and tomorrow - and forever is never long enough. Dessen is always good, and this is Dessen at her best.
Read my reviews of all Sarah Dessen's novels.


Deb Caletti writes really fantastic realistic novels. My favorite Caletti novel to date is The Nature of Jade, about an overachiever who has developed panic disorder. Jade doesn't know yet that she wants something more out of life - and that she is about to meet someone that will change her life.
Read my reviews of all of Deb Caletti's novels.

Speak by Laurie Halse Anderson is an absolute staple of modern YA fiction. This story is an example of how to use first-person narration to connect readers to a largely silent and introverted protagonist - and how to reveal things slowly, to connect actions and emotions. This book is gritty and real without being gritty for the sake of it. Often imitated, never replicated, this book is what inspired the wave of YA books that tackle tough issues.
Check out my Speak playlist.

The Alison Rules by Catherine Clark. Wow, wow, wow. After her mother passes away, Alison is reluctant to confide in anyone other than Laurie, her long-time best friend. She pulls away from pretty much everyone else and decides to quietly lives by the rules she's made for herself. Read it, then share it.
Read my full-length review of The Alison Rules.



I Am the Messenger by Marcus Zusak, which you should go into completely spoiler-free, so I'm not going to tell you anything about it. Go read it, and when you're done, tell me what you think, because you will definitely have a reaction to how this story unfolds and how it turns out.
Check out my interview with Marcus Zusak - and then read The Book Thief.

Feathered by Laura Kasischke tells the story of two best friends who travel to Cancun for Spring Break. After an auspicious start, the unexpected happens, and their dream vacation turns into a nightmare which they can't simply escape by waking - which, perhaps, they cannot escape at all. Feathered wonderfully captures that feeling of freedom one gets while far from home, when it's possible (easier?) to be uncharacteristically impulsive. Fueled by the toxic intensity of perfect strangers, fast friends, and foreign cultures, the girls find themselves in an extremely dangerous situation, and, in the blink of an eye, everything changes. Every high school student who is planning a big-deal trip for Spring Break (or for any break) needs to read this book - and so do their parents, teachers, and chaperones. So do writers who aspire to craft stories with alternating points of view.
Read my full-length review of the book.

Nick and Norah's Infinite Playlist by Rachel Cohn and David Levithan is not your typical boy meets girl story. Sure, it starts when boy meets girl - but then boy asks girl to pretend to be his girlfriend for the next five minutes, and girl agrees. Over the course of one night, two perfect strangers fall in and out of love with life, music, friends, cars, food, the city, and maybe - just maybe - each other. This book definitely popularized multiple narrators in modern YA fiction.
Read my review of Nick and Norah - Check out my own Infinite Playlist


Cracked Up to Be by Courtney Summers shows that sometimes, what you don't do can be as consequential as what you do. Parker was a good girl. A nice girl. A cheerleader. A straight-A student. Then something happened. Something which changed Parker completely. Something she wishes she could change. Her mood, her grades, and her spirits have all plummeted. Haunted, Parker is no longer the girl she once was - and she doesn't want to be, not anymore. Courtney Summers' debut novel is not to be missed. When the characters speak, they sound authentic: some kids swear and some kids laugh while others toss out a word or two while swallowing down what they really want to say. Adult readers will quickly be transported to the halls of high school and feel as if they never left. Pick up Summers' other novels while you're at it, but start with this one.
Read my review of the book.

The Fallen by Thomas E. Sniegoski led the pack of immortal/angel fantasy/action stories that now line the YA shelves. The premise: Aaron has always known that he was adopted, but he never suspected he was half-angel - or that he could be a hero in the ultimate fight between good and evil. Fun fact: Before he portrayed Stefan Salvatore in The Vampire Diaries, Paul Wesley starred as Aaron Corbet in the film adaptation of Fallen - and Bryan Cranston from Breaking Bad played Lucifer!

Check out the Fallen website.

Looking for Alaska by John Green has energized a new generation of readers, writers, and all kinds of people searching for their great perhaps. It's thought-provoking, poignant, and lovely. Please read it.
Here's my Looking for Alaska playlist.

For those of you dropping by Bildungsroman for the first time, welcome! I'm Little Willow. Here's a quick intro to me and this blog: In addition to being a bookseller, blogger, and writer, I'm also an actress, singer, and webdesigner. I always have a script or a book in my hands and a song in my heart. I primarily review YA novels, hence the blog name:

Bildungsroman: A novel whose principal subject is the moral, psychological, and intellectual development of a usually youthful main character. (dictionary.com)


Looking for additional YA staples and recommendations? Click through the blog and the corresponding archive for reviews, exclusive author interviews, and more. I have a slew of booklists I hope you'll check out, including:

Tough Issues for Teens
http://slayground.livejournal.com/74061.html

Coming-of-Age Novels
http://slayground.livejournal.com/178045.html

Transition Times / Set in School
http://slayground.livejournal.com/78353.html

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25. Google’s New and Innovative Technologies

IT Forum Gold Coast (ITFGC) is the best place to network with industry peers, potential clients and employers.  The Federal, State and local Governments give well-deserved recognition to ITFGC for being an active voice of the IT industry on the Gold Coast and Brisbane. Being a member gives you an unprecedented opportunity to stay informed […]

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